उत्तराखंड

*जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान परियोजना संजय सक्सेना के द्वारा खानपुर विकासखंड में चल रही सिंघाड़ा प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण*

रिपोर्ट – अनिल सैनी।

खानपुर। मुख्य विकास अधिकारी महोदया के निर्देशन में विकासखंड खानपुर में ग्रामोत्थान परियोजना के जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) द्वारा उजाला सीएलएफ में स्थापित सिंघाड़ा प्रोसेसिंग यूनिट का भौतिक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यूनिट की प्रगति, उसकी तैयारियों और प्रक्रियाओं का आकलन करना था। इस दौरान सोलर पैनल लगाने के लिए आई टीम ने यूनिट के स्थल का निरीक्षण किया और संभावित स्थानों का अध्ययन किया। सोलर पैनल लगाने के लिए आवश्यक तैयारियों और तकनीकी जरूरतों का आकलन भी किया गया।

 

सोलर पैनल स्थापना के लिए दिशा-निर्देश:-

डीपीएम ने सोलर पैनल लगाने के लिए आई टीम को स्थल पर जल्द से जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सोलर पैनल का स्थान और उसकी स्थापना प्रक्रिया यूनिट की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो। उन्होंने संबंधित टीम को समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने और गुणवत्ता मानकों का पालन करने के लिए कहा।

ठेकेदार को दिए गए निर्देश:-

भौतिक निरीक्षण के दौरान डीपीएम ने यूनिट में कार्यरत ठेकेदार (अनुज) को बाकी बचे कार्यों के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी लंबित कार्यों को उच्च गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। यूनिट की संरचना, उपकरण स्थापना और अन्य सहायक कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

ब्लॉक और सीएलएफ स्टाफ के साथ बैठक:-

निरीक्षण के बाद डीपीएम ने ब्लॉक स्तर के अधिकारियों, उजाला सीएलएफ के स्टाफ और बीओडी (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य सिंघाड़ा प्रोसेसिंग यूनिट के अन्य कार्यों और संचालन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था। डीपीएम ने यूनिट के सफल संचालन के लिए सभी संबंधित पक्षों को उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में निर्देशित किया।

प्रमुख बिंदु और दिशा-निर्देश:-

1. सिंघाड़ा प्रोसेसिंग यूनिट का शीघ्र संचालन: डीपीएम ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि यूनिट जल्द से जल्द चालू हो ताकि उत्पादन प्रक्रिया में कोई देरी न हो।

2. गुणवत्ता और समय सीमा: ठेकेदार और संबंधित स्टाफ को गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया गया।

3. संयोजन और तकनीकी जरूरतें: यूनिट में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों और सोलर पैनल की तकनीकी आवश्यकताओं को सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों की टीम से समन्वय करने को कहा गया।

4. संपर्क और समन्वय: ब्लॉक, सीएलएफ स्टाफ और बीओडी सदस्यों को यूनिट की सफलता के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया गया।

आगे की योजना और क्रियान्वयन:-

बैठक के दौरान यह भी चर्चा की गई कि यूनिट का संचालन पूरी तरह से तैयार होने के बाद कैसे किया जाएगा। उत्पादन प्रक्रिया, उत्पाद की गुणवत्ता, और बाजार तक उसकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा हुई। डीपीएम ने सभी उपस्थित अधिकारियों और स्टाफ को यह निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और किसी भी समस्या के समाधान के लिए समय पर निर्णय लें।

इस निरीक्षण और बैठक के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि उजाला सीएलएफ में स्थापित सिंघाड़ा प्रोसेसिंग यूनिट का कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता युक्त तरीके से पूरा हो। डीपीएम के नेतृत्व में सोलर पैनल स्थापना और अन्य कार्यों की निगरानी की गई, जिससे यूनिट की दक्षता और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। इस पहल से खानपुर विकासखंड के सिंघाड़ा उत्पादकों को बेहतर मूल्य और बाजार तक सीधा पहुंच प्राप्त होगी।

anilkumar

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