उत्तराखंड

ग्रामोत्थान परियोजना के जिला कार्यालय में लक्सर विकासखंड के संग्रहण केंद्र से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

रिपोर्ट – अनिल सैनी।

हरिद्वार जिले के विकास भवन रोशनाबाद में ग्रामोत्थान परियोजना के जिला कार्यालय में लक्सर विकासखंड के संग्रहण केंद्र से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक जिला परियोजना प्रबंधक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में ग्राम प्रधान दाबकी कला और ग्रामोत्थान परियोजना के जिला परियोजना प्रबंधक के बीच चर्चा हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य संग्रहण केंद्र से जुड़े दस्तावेजों और आवश्यक प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी प्राप्त करना था।

बैठक के दौरान, जिला परियोजना प्रबंधक ने ग्राम प्रधान को संग्रहण केंद्र से संबंधित सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने दस्तावेजों के प्रबंधन, उनके उपयोग, और केंद्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। ग्राम प्रधान ने परियोजना के प्रति अपनी रुचि और प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत अपने क्षेत्र में संचालित होने वाले कार्यों को पूरा समर्थन और सहयोग देने का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान लक्सर विकासखंड के आजीविका समन्वयक भी उपस्थित रहे, संग्रहण केंद्र के संचालन और आजीविका संवर्धन में इसकी भूमिका पर चर्चा की। इस केंद्र का उद्देश्य स्थानीय उत्पादकों और किसानों को एकत्रीकरण, प्रसंस्करण और विपणन की सुविधाएं प्रदान करना है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। ग्राम प्रधान और परियोजना प्रबंधक ने संग्रहण केंद्र को स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में पहचाना।

 

ग्राम प्रधान ने जिला परियोजना प्रबंधक से यह भी अनुरोध किया कि संग्रहण केंद्र को पूरी क्षमता से संचालित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और संसाधनों को प्राथमिकता दी जाए। जिला परियोजना प्रबंधक ने ग्राम प्रधान को आश्वस्त किया कि परियोजना की टीम इस दिशा में हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

 

बैठक का परिणाम सकारात्मक रहा, इसके अतिरिक्त, परियोजना के अन्य पहलुओं जैसे उत्पादन, विपणन, और ग्रामीण विकास के प्रयासों पर भी चर्चा की गई। यह बैठक ग्राम विकास, आजीविका संवर्धन, और ग्रामीण समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी।

 

इस तरह की बैठकें न केवल परियोजना के उद्देश्यों को स्पष्ट करती हैं, बल्कि स्थानीय नेतृत्व और प्रशासन के बीच तालमेल को भी सुदृढ़ करती हैं। संग्रहण केंद्र जैसे संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और सामुदायिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

anilkumar

Recent Posts

*आत्मनिर्भर – ऑर्गेनिक गुलाल तैयार कर अच्छा मुनाफा कमा रही हरिद्वार के स्वयं सहायता समूह की महिलाएं*

रंगों के त्यौहार होली के आते ही हरिद्वार की आत्मनिर्भर महिलाएं अपनी आजीविका बढ़ाने के…

4 weeks ago

मंगलौर में भाजपा से स्थानीय को मिलेगा मौका ? या अबकी बार फिर उतरेगा पैराशूट प्रत्याशी

ब्यूरो रिपोर्ट। मंगलौर। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की सबसे हॉट सीट माने जाने वाली विधानसभा…

4 weeks ago

*हरिद्वार में निजी सहभागिता को नई दिशा — मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में प्रस्तुतीकरण सम्पन्न*

जनपद हरिद्वार में आज निजी सहभागिता (Private Partnership) फार्म बेस्ड के अंतर्गत चयनित संस्थाओं द्वारा…

4 weeks ago

*सीडीओ की अध्यक्षता में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की समीक्षा बैठक सम्पन्न, पशु सखियों को मोबाइल फोन वितरित*

हरिद्वार में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना…

1 month ago

*ग्रामीण उद्यमों को गति देने की दिशा में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की महत्वपूर्ण उपलब्धि*

उत्तराखंड राज्य में संचालित ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (ग्रामोत्थान–रीप) के अंतर्गत MSP (मल्टी स्टेकहोल्डर…

1 month ago