रिपोर्ट – अनिल सैनी।
हरिद्वार। जिला मुख्यालय, विकास भवन, रोशनाबाद हरिद्वार में मुख्य विकास अधिकारी आकांशा कोण्डे की अध्यक्षता में ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से प्रस्तावित *वे साइट अमेनिटीज* के लिए भूमि चयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना निदेशक – डीआरडीए, जिला परियोजना प्रबंधक- ग्रामोत्थान परियोजना, असिस्टेंट कमिश्नर- सेल टैक्स, तहसीलदार, पटवारी और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य वे साइट अमेनिटीज के निर्माण हेतु 4 संभावित स्थलों में से एक उपयुक्त स्थल का चयन करना था। इस चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सामूहिक चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी महोदया ने निर्देश दिए कि भूमि का चयन पूर्णतः तकनीकी और प्रशासनिक मानकों के आधार पर किया जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि चयनित स्थल सभी आवश्यकताओं को पूरा करता हो और परियोजना के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक हो।
बैठक के मुख्य बिंदु:-
1. भूमि सत्यापन का निर्देश:-
महोदया ने तहसीलदार और पटवारी को निर्देश दिया कि वे चयनित स्थलों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करें। इसके बाद सत्यापन रिपोर्ट शीघ्र प्रेषित की जाए, ताकि अंतिम निर्णय लिया जा सके।
2. साइट चयन प्रक्रिया का विश्लेषण:-
संभावित स्थलों की उपयोगिता, उपलब्धता और भौगोलिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई।
परियोजना की जरूरतों के अनुसार स्थलों की भौतिक एवं कानूनी स्थिति का मूल्यांकन किया गया।
3. परियोजना का महत्व:-
ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत विकसित होने वाली वे साइट अमेनिटीज क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इनसे ग्रामीण उद्यमियों को व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने में सहयोग मिलेगा। साथ ही, यह सुविधा क्षेत्रीय रोजगार सृजन में सहायक होगी।
4. समन्वय और समयबद्धता पर जोर:-
महोदया ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे समन्वय बनाकर कार्य करें। भूमि चयन प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए इसे समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें।
5. संबंधित अधिकारियों का सहयोग:-
सभी उपस्थित अधिकारियों से कहा गया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ करें। भूमि से संबंधित सभी तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं को समय पर पूरा करें।
ग्रामोत्थान परियोजना के उद्देश्य:-
ग्रामोत्थान परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास को बढ़ावा देना है। इसके तहत स्थानीय समुदायों के लिए बुनियादी सुविधाओं का निर्माण, रोजगार के अवसर सृजित करना और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करना प्रमुख लक्ष्य हैं।
निर्देश और आगामी कार्य योजना:-
मुख्य विकास अधिकारी महोदया ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि:-
1. प्राथमिकता के आधार पर स्थलों का निरीक्षण किया जाए।
2. तहसीलदार और पटवारी सत्यापन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता रखें।
3. निर्णय लेने के बाद आवश्यक दस्तावेज तैयार कर समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक के अंत में महोदया ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस परियोजना को सफल बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने परियोजना को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने का आश्वासन सीडीओ महोदया को दिया।
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