उत्तराखंड

*ग्रामोत्थान परियोजना की समीक्षा बैठक की तैयारियों को लेकर परियोजना निदेशक- डीआरडीए ने की बैठक*

रिपोर्ट -अनिल सैनी।

हरिद्वार। विकास भवन रोशनाबाद स्थित ग्रामोत्थान परियोजना के जिला कार्यालय में परियोजना निदेशक, डीआरडीए की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई । बैठक में ग्रामोत्थान परियोजना के समस्त सहायक प्रबंधकों ने भाग लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 29 जनवरी 2025 को मुख्य परियोजना निदेशक / सचिव, ग्राम्य विकास की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक की तैयारियों का जायजा लेना और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना था।

बैठक के दौरान परियोजना निदेशक ने सभी सहायक प्रबंधकों से उनके सेक्टर के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आगामी समीक्षा बैठक में सभी सेक्टर हेड द्वारा अब तक किए गए कार्यों, उपलब्धियों, और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत विवरण सटीक और व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट में विशेष रूप से उन योजनाओं और गतिविधियों का उल्लेख किया जाना चाहिए, जो ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही हैं।

परियोजना निदेशक ने जोर देकर कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान ग्रामोत्थान परियोजना की प्रगति का सही मूल्यांकन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी आवश्यक दस्तावेज, प्रगति रिपोर्ट, और प्रेजेंटेशन समय पर तैयार हों। साथ ही, उन्होंने सहायक प्रबंधकों को सलाह दी कि वे अपने सेक्टर के कार्यों के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के लिए किए गए प्रयासों का भी बैठक में उल्लेख करें।

बैठक में उपस्थित सहायक प्रबंधकों ने अपनी-अपनी तैयारियों की जानकारी साझा की और यह सुनिश्चित किया कि समीक्षा बैठक के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी हो गई है । परियोजना निदेशक ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि सभी योजनाओं और गतिविधियों का डाटा और रिपोर्टिंग सिस्टम सटीक और अद्यतन हो। उन्होंने कहा कि यह बैठक परियोजना के भविष्य की दिशा तय करने में सहायक होगी।

बैठक के दौरान, परियोजना निदेशक ने ग्रामोत्थान परियोजना के तहत चल रही विभिन्न पहल, जैसे कि ग्रामीण उद्यमिता, कृषि आधारित उत्पादन, और स्वच्छता कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभाव को बढ़ाने के लिए सामुदायिक सहभागिता और बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।

अंत में, परियोजना निदेशक ने सभी सहायक प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे मुख्य परियोजना निदेशक / सचिव, ग्राम्य विकास के समक्ष अपने-अपने सेक्टर की प्रगति को प्रभावी और पेशेवर ढंग से प्रस्तुत करें।

anilkumar

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