रिपोर्ट – Anil k Saini
खानपुर । विकासखंड खानपुर में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्रीमती आकांक्षा कोण्डे महोदया द्वारा उजाला क्लस्टर स्तरीय स्वायत्त सहकारिता के अंतर्गत स्थापित सिंघाड़ा प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यूनिट की संपूर्ण स्थिति, मशीनों की कार्यक्षमता, स्टॉक प्रबंधन, और अनुबंधित कर्मचारियों के कार्यों का गहन अवलोकन किया गया। साथ ही, यूनिट में स्थापित सोलर ड्रायर और अन्य आधुनिक मशीनरी एवं इंफ्रास्ट्रक्चर का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला परियोजना प्रबंधक श्री संजय सक्सेना ने यूनिट की कार्यप्रणाली और प्रगति पर विस्तृत जानकारी सीडीओ महोदया को प्रस्तुत की।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ महोदया ने बताया कि इस यूनिट की स्थापना पर 1.27 करोड़ रुपये की लागत आई है। उन्होंने यह भी साझा किया कि आगामी नवरात्रि पर्व के लिए यूनिट को 150 कुंतल सिंघाड़ा आटा का ऑर्डर प्राप्त हो चुका है, जिसकी आपूर्ति आगामी सप्ताह में सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने इस यूनिट को क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया, जो उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर प्रदान करने में सहायक होगी।
निरीक्षण के उपरांत, खंड विकास अधिकारी कार्यालय में मुख्य विकास अधिकारी महोदया की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में महोदया ने समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। एवं महोदया ने लापरवाही करने वाली कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए सख्त निर्देश दिए ।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों में परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री कैलाश नाथ तिवारी, जिला विकास अधिकारी श्री वेदप्रकाश, जिला परियोजना प्रबंधक (ग्रामोत्थान परियोजना) श्री संजय सक्सेना, सहायक परियोजना निदेशक सुश्री नलिनीत घिल्डियाल, वाई पी-केएम आईटी श्री अमित सिंह, खंड विकास अधिकारी श्री जगेंद्र सिंह राणा, डीआईओ कार्यालय से श्री अभिषेक सक्सेना तथा ग्रामोत्थान परियोजना एवं NRLM के समस्त ब्लॉक स्तरीय स्टाफ उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त उजाला क्लस्टर लेवल फेडरेशन के समस्त पदाधिकारी, नियुक्त स्टाफ, और प्रोसेसिंग यूनिट के कर्मी भी मौजूद रहे।
मुख्य विकास अधिकारी महोदया ने यूनिट की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह यूनिट न केवल सिंघाड़ा उत्पादकों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि क्षेत्र में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को भी प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस प्रसार योग्य मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित करने की योजना बनाई जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
यह निरीक्षण और समीक्षा बैठक क्षेत्रीय विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जो किसानों और उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई दिशा प्रदान करेगी।