ब्यूरो रिपोर्ट।
हरिद्वार। 15 अक्टूबर से भैया दूज तक जिले के सभी छह विकास खंडों में दिवाली के अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की ओर से लगाए गए 102 स्टॉलों ने उत्कृष्ट व्यावसायिक प्रदर्शन करते हुए 26 लाख 50 हजार रुपये की कुल बिक्री का नया रिकॉर्ड बनाया है। मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार डॉ ललित नारायण मिश्र के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का विपणन बढ़ाकर उनकी आजीविका को सशक्त बनाना था।

इस पहल की सफलता पर एनआरएलएम की सहायक परियोजना निदेशक/जिला मिशन प्रबंधक द्वारा बताया गया कि इस कार्यक्रम को राज्य स्थापना रजत जयंती समारोह तक जारी रखा जाएगा।

इन स्टॉलों में सजावटी सामान, हस्तशिल्प उत्पाद, पारंपरिक मिठाइयाँ एवं नमकीन आदि की भरपूर बिक्री हुई। इस कड़ी में भगवानपुर की लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह ने सर्वाधिक 9.50 लाख रुपये की अभूतपूर्व बिक्री करके एक नया मानक स्थापित किया। समूह द्वारा निर्मित सजावटी वस्तुओं की गुणवत्ता और डिजाइन की ग्राहकों द्वारा खूब सराहना की गई और वे लगातार अपनी बिक्री बढ़ा रही हैं।

इस व्यावसायिक सफलता ने न केवल समूहों के सदस्यों के आत्मविश्वास को नया आयाम दिया है, बल्कि ग्रामीण महिला उद्यमिता को भी एक मजबूत आधार प्रदान किया है। यह पहल जिले में आत्मनिर्भर भारत की भावना को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हुई है।
