यातायात निदेशालय, उत्तराखंड के आदेशों के अनुपालन में दिनांक 16.01.2026 से 14.02.2026 तक मनाए जा रहे 36वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के क्रम में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोभाल के निर्देशानुसार आज दिनांक 30 जनवरी 2026 को यातायात पुलिस रुड़की द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज लाठरदेवा हूण में एक व्यापक यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में यातायात उप निरीक्षक जगदीश चंद्र दत्ता के द्वारा विद्यालय के छात्र–छात्राओं को क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। बच्चों को सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया गया कि सड़क पर चलना आजकल कितना कठिन हो सकता है जहां छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए सतर्कता एवं नियमों का पालन जीवन रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

छात्र–छात्राओं को विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर जानकारी दी गई—
👉 सड़कों पर पैदल चलते समय सड़क के किनारे सुरक्षित दूरी बनाकर चलने, तथा मोड़ों (ब्लाइंड कर्व) पर रुककर देखने के बाद ही आगे बढ़ने की सलाह।
👉 ढलान वाली सड़कों पर दौड़ने, फिसलने या खेलकूद न करने एवं विद्यालय आते–जाते समय अनुशासित तरीके से चलने की सीख।
👉 वर्षा, कोहरा एवं बर्फबारी के दौरान सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने की स्थिति में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता।
👉 नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन न चलाने तथा अपने अभिभावकों को भी धीमी, सुरक्षित एवं नियमबद्ध ड्राइविंग के लिए प्रेरित करने की अपील।
👉 दोपहिया वाहन पर बैठते समय हेलमेट पहनने तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने के महत्व के बारे में जानकारी।
👉 वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, तेज गति, ओवरटेकिंग एवं लापरवाही से वाहन न चलाने के प्रति जागरूक किया गया।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को गुड सेमेरिटन (Good Samaritan) की अवधारणा के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाला नागरिक कानूनन सुरक्षित होता है तथा उसकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि कई बार किसी वजह से सहायता दुर्घटना के समय सहायता देर से पहुंच सकती है, इसलिए घायल की तत्काल मदद करना मानवता का सबसे बड़ा कार्य है।

कार्यक्रम के दौरान गोल्डन आवर के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा घायल के जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और इस दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता मिलने से किसी की जान बचाई जा सकती है।
जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र–छात्राओं को यातायात जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए, ताकि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार व गांव–समुदाय तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचा सकें। इस दौरान उक्त कार्यक्रम मे 100 से अधिक छात्रो ने प्रतिभाग किया
