ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार, श्रीमती आकांक्षा कोण्डे के निर्देशों के क्रम में जनपद हरिद्वार के समस्त विकासखंडों में अल्ट्रा पूवर सपोर्ट, एंटरप्राइजेज (फॉर्म एवं नॉन-फॉर्म) तथा सीबीओ स्तर के उद्यमों की स्थापना की जा रही है। इसी कड़ी में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सहयोग से बहादराबाद क्षेत्र की रहने वाली अनीता ने एक छोटे उद्यमी से सफल व्यवसायी बनने की मिसाल कायम की है।
अनीता, जो ‘नमो स्वयं सहायता समूह’ एवं ‘श्रद्धा सी.एल.एफ.’ से जुड़ी हुई हैं, पहले ‘एक छोले-कुल्चे’ का छोटा व्यवसाय करती थीं। इस कार्य से उनकी मासिक आय केवल 3,000 रुपये थी, जो परिवार की आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त थी।
बेहतर भविष्य की आकांक्षा के साथ अनीता ने ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना से संपर्क किया। वित्तीय वर्ष 2023-24 में परियोजना टीम ने उनके उद्यम का आकलन किया और उन्हें 35,000 रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया। अनीता ने इसमें अपनी 15,000 रुपये की व्यक्तिगत बचत भी जोड़ी, जिससे उनके पास कुल 50,000 रुपये की कार्यशील पूंजी तैयार हो गई।
इस वित्तीय सहयोग से उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और आज उनकी मासिक आय बढ़कर 10,000 रुपये तक पहुँच गई है। इस आय से उनका परिवार अब आत्मनिर्भर और बेहतर जीवन स्तर की ओर अग्रसर है।
अनीता की सफलता यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन एवं थोड़ी-सी वित्तीय सहायता से ग्रामीण महिलाएं अपने सपनों को साकार कर सकती हैं। यह कहानी ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना और जिला प्रशासन हरिद्वार की उस सार्थक पहल का प्रतीक है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है।
