ब्यूरो रिपोर्ट। 14 सितम्बर को को मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के गाँव मोहम्मद पुर जट्ट में हुई यशांश कि मौत का राज़ शायद अब जल्द ही पुलिस खोल देगी
इसी बात के विश्वास को लेकर आज यशांश के परिजनों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यशांश की मौत के राज को खोलने का मंगलौर पुलिस से आग्रह भी किया है
यशान्स के परिजनों के अनुसार 14 सितम्बर की रात को 10:30 पर पर पीयूष का कॉल यशांश की माता के पास आया जिसमे उन्हें बताया कि उनके बेटे यशान्स ने जहर खा लिया है ।
फोन आने के बाद परिजन घबरा गए और वह आनन फानन में बरहमपुर पहुँचे जहाँ उन्होंने देखा कि उनके बेटे की हालत बहुत खराब है जिसके बाद उन्होंने उसे रूडकी के आसपास में इलाज के लिए दिखाया पर वहाँ से उसे मेरठ के लिए रैफर कर दिया पर इसी दौरान उसकी मौत हो गई वही परिजनों ने इस मामले में 21 सितम्बर को मंगलौर कोतवाली में आरज़ू और पीयूष के खिलाफ तहरीर दी पर पुलिस ने इस मामले में कोई कार्यवाही नही की तो जिसपर अब जाकर कोर्ट के माध्यम से मंगलौर पुलिस ने संबंधित मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है जिसको लेकर अब परिजनों ने कहा है कि आरज़ू उनके बेटे की क्लास मेट थी और दोनों में शायद दोस्ती भी थी जिसके चलते शायद यही कारण उनके बेटे की मौत का कारण बना है जिसकी जाँच करनी बहुत ज़रूरी है ताकि उनके बेटे की मौत का राज़ खुले और उन्हें इंसाफ मिल सके ।

हालांकि मेधार्थी मालिक ने यह भी बताया कि पुलिस की कार्यशैली पर उन्हें किसी भी प्रकार का संदेह नहीं है उनका कहना है कि कम स्टाफ होते हुए भी मंगलौर पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए जांच भी शुरू कर दी है । वहीं मंगलौर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह का कहना है कि फिलहाल कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और इस केस पर जांच शुरू कर दी गई है ।
