अनिल सैनी।
हरिद्वार। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूएसआरएलएम) के तत्वावधान में 16 मई से 22 मई 2025 तक बैंक सखी एवं बैंकर्स का एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का नेतृत्व राष्ट्रीय संसाधन व्यक्ति (एनआरपी) श्री रमेश अरोड़ा द्वारा किया गया, जिन्होंने जिला परियोजना निदेशक , डीएमएमयू ,120 बैंक सखियों, सभी बैंक प्रबंधकों एवं लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) को वित्तीय समावेशन, एनआरएलएम योजनाओं एवं सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु:
वित्तीय समावेशन एवं एनआरएलएम योजनाएँ:
एनआरपी श्री रमेश अरोड़ा ने वित्तीय समावेशन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि कैसे यह स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को सशक्त बना सकता है।
एनआरएलएम की विभिन्न योजनाओं, जैसे सामुदायिक निवेश कोष (सीसीएल), सामाजिक सुरक्षा लाभ एवं बीमा योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
बैंक सखी एवं एफएलसीआरपी (फाइनेंशियल लिटरेसी एंड क्रेडिट राइट्स प्रमोशन) की भूमिका:
प्रशिक्षण में बैंक सखियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया, जो ग्रामीण महिलाओं और बैंकिंग सेवाओं के बीच सेतु का काम करती हैं।

फ्लोरल क्रेडिट राइट्स प्रमोशन (एफएलसीआरपी) एवं बीमा सखी कैसे कार्य करेंगी, उनकी जिम्मेदारियाँ क्या होंगी और कैसे वे एसएचजी के लिए बैंकिंग प्रक्रिया को सुगम बना सकती हैं, इस पर मार्गदर्शन दिया गया।
सीसीएल (क्रेडिट कम लोन) प्रक्रिया:
सीसीएल की पहली, दूसरी एवं तीसरी किस्त के बारे में चरणबद्ध जानकारी दी गई, साथ ही आवश्यक दस्तावेजों के बारे में भी बताया गया।
बैंक सखियों को प्रशिक्षित किया गया कि वे एसएचजी सदस्यों को ऋण सुविधाएँ प्राप्त करने में कैसे सहायता कर सकती हैं।
बैंक सखियों की चुनौतियों का समाधान:
इस सत्र में बैंक सखियों द्वारा बैंकों में सामना की जाने वाली परिचालन संबंधी चुनौतियों पर चर्चा की गई और उनके समाधान के लिए मार्गदर्शन दिया गया।
जिला परियोजना निदेशक (डीपीडी), डीएमएमयू अधिकारियों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों ने भी भाग लेकर समस्याओं के समाधान में सहयोग किया।
जिला स्तरीय अधिकारियों की सहभागिता:
प्रशिक्षण में जिला थीमैटिक विशेषज्ञ श्री सूरज कुमार, आरएफसी श्री अभिषेक कुमार एवं जिला एमआईएस/डीईओ श्री दानिश अहमद ने सक्रिय रूप से भाग लिया और समस्याओं के समाधान में योगदान दिया।
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि एनआरएलएम की सफलता में बैंक सखियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे किसी भी समस्या के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य करें।
